वनमानुष | vanmanush | Hindi ki Story

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वनमानुष | vanmanush | Hindi ki Story:

ये Hindi ki Story ( कहानी ) जंगल के अनसुलझे रहस्य दर्शाती है | एक बहुत ही बड़ा जंगल था और वहीं पड़ोस में एक छोटा सा गाँव बसा हुआ था | वहाँ रहने वालों की आबादी बहुत कम थी और वहाँ के लोगों का जीवन भी बहुत सामान्य था | गाँव के लोग जंगल की बनस्पति और जानवरों पर आधारित थे और इसी के चलते वह रोज़ाना जंगल के अंदर जाया करते थे | दरअसल जंगल जाना तो इन लोगों के लिए आम बात थी | एक बार एक औरत अपने छोटे से बच्चे के साथ जंगल चली जाती है | वहीं जंगल के अंदर एक नदी से मछलियाँ पकड़ने के लिए वह छोटा सा जाल लगाती है और अपने बच्चे को नदी से थोड़ा दूर एक पत्थर पर बैठा देती है | बच्चे की उम्र सिर्फ़ पाँच वर्ष होती है, इसलिए वह औरत अपने बच्चे को नदी से दूर रखती है | बच्चा माँ को मछलियां पकड़ते देख बहुत ख़ुश होता है | तभी बच्चे के पीछे एक अजीब आकृति का जीव आकर खड़ा हो जाता है और उसकी आहट पाकर बच्चा धीरे से पीछे पलटकर देखता है और अचानक वह दहशत से उस पत्थर से नीचे गिर जाता है | पत्थर की ऊँचाई कम थी, इसलिए उसे चोट तो नहीं लगती | लेकिन उसकी माँ उसे ऐसी हालत में देख चिल्लाकर दौड़ पड़ती है और माँ के तेज़ स्वर से, बिना उस औरत की नज़र में आए, वह आकृति वहाँ से ओझल हो जाती है | बच्चा अपनी माँ को अपने डर की वजह बताने का प्रयास करता है | लेकिन वह छोटा है, इसलिए माँ को ढंग से समझा नहीं पा रहा था, कि उसने क्या देखा | माँ को लगता है, कि यह किसी छोटे मोटे जानवर को देखकर घबरा गया होगा, इसलिए वह पानी से अपना जाल समेटकर बच्चे को लेकर वापस गाँव के लिए निकल जाती है और जैसे ही बच्चे के साथ गाँव की सीमा में प्रवेश करती है | उसकी नज़र सरकारी छावनी पर पड़ती है और वह उसके पास जाकर वन विभाग के अधिकारी से पूछती है, “यहाँ ये छावनी क्यों बनायी गई है” तभी अधिकारी जवाब देते हुए कहते हैं, “हमें कुछ जीव वैज्ञानिकों से सूचना मिली है, कि इस जंगल में वनमानुष होने के सबूत मिले हैं और उसी को पकड़ने के लिए यह छावनी बनायी गई है |

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अधिकारी उस औरत को दोबारा उस जंगल के अंदर अकेले न जाने की हिदायत भी देता है | इन दोनों की बातें हो ही रही होती है, कि अचानक दो व्यक्ति जंगल से लहूलुहान होकर भागते हुए आते दिखाई देते हैं | लेकिन ताज्जुब की बात तो यह है, कि उन दोनों में से एक व्यक्ति का एक हाथ कटा हुआ दिखाई देता है | यह मंजर देखने में ख़ौफ़नाक दिखाई दे रहा था | तभी अधिकारी उन्हें देखते ही, अपनी बंदूक निकाल लेता है और उन्हें वहीं रुकने को कहता है और वह पूछता है, “बताओ क्या हुआ” ? लेकिन उसमें एक आदमी बेहोश हो जाता है और दूसरा इस हालत में नहीं होता, कि वह कुछ बता सके वन विभाग के अधिकारी उन दोनों को अपनी गाड़ी में हॉस्पिटल ले जाते हैं और इस घटना का पता चलते ही सारे गाँव में सन्नाटा छा जाता है | लोग इतनी दहशत में आ जाते हैं, कि वह अपने घरों से निकलना ही बंद कर देते हैं | उन्हें एक अनदेखे ख़तरे ने घरों में रहने पर मजबूर कर दिया था और वहाँ दूसरी तरफ़ वन विभाग के अधिकारियों के कान खड़े हो जाते हैं और वह कुछ सुरक्षाकर्मियों के साथ जंगल की जाँच करने का आदेश दे देते हैं और आदेश मिलते ही दस लोगों की एक टुकड़ी तैयार की जाती है | जिसे बेहतर हथियारों के साथ, जंगल भेजा जाता है और उनकी वर्तमान स्थिति का पता लगाने के लिए उनके जूतों में GPS ट्रैकर भी लगाया जाता है और सभी कमांडो को हेलिकॉप्टर की मदद से जंगल के बीचो बीच उतारा जाता है |

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सुरक्षाकर्मी जंगल में उतरते ही चारों दिशाओं में फैल जाते हैं और जंगल का चप्पा चप्पा छानने लगते हैं | तभी कुछ घंटे गुज़रते ही जंगल से गोलियों की आवाज़ सुनाई देने लगती है | यहाँ सभी गाँव वाले सोचने लगते हैं, कि आज वह वनमानुष नहीं बचेगा, जिसने इतने लोगों की हत्या की है और कुछ देर में जंगल से गोलियां की आवाज आना बंद हो जाती है | सभी को लगता है, कि सुरक्षा कर्मियों ने अपने काम को अंजाम दे दिया | लेकिन वन विभाग के अधिकारी, जंगल में गए सुरक्षाकर्मियों से, सम्पर्क नहीं बना पा रहे थे | उन्हें उनकी GPS लोकेशन तो मिल रही थी, लेकिन वायरलेस मैं उनकी कोई भी हलचल सुनाई नहीं दे रही थी | तभी अधिकारी ने ड्रोन कैमरा की मदद से जंगल का जायज़ा लेते हैं और उन्हें कुछ सुरक्षाकर्मियों की लाशें दिखाई देती है और जैसे ही ड्रोन को उनके पास ले जाया जाता है, तो पता चलता है, कि उन सभी के शरीर से कई अंग ग़ायब हैं | वन विभाग के अधिकारियों का, सुरक्षाकर्मियों की ऐसी हालत देख मनोबल टूट जाता है और वह अपनी हार मान लेते हैं | उन्हें समझ में आ जाता है, कि इस संकट को रोकना उनके लिए संभव नहीं है और यह बात वह अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों तक पहुँचा देते हैं |

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अनुसंधान केन्द्र में, एक वैज्ञानिक कई वर्षों से, ऐसे जीवों पर शोध कर रहा होता है और वह उन्हें क़ाबू में करने के लिए एक कैमिकल बनाने में क़ामयाब हो जाता है और अपनी टीम के साथ उस जंगल में पहुँच जाता है| वैज्ञानिक जंगल में एक जाल बिछाते हैं और कैमिकल से बनी गोलियों से, तैयार सिपाही, चारों तरफ़ खड़े हो जाते हैं और कुछ समय बाद जंगल का माहौल बदलने लगता है | वनमानुष की ज़ोरदार आवाज से, सभी घबरा जाते हैं और अंधाधुंध गोलियां चलाना शुरू कर देते हैं और देखते ही देखते उनकी गोलियाँ ख़त्म हो जाती हैं और अगले ही पल, वह वनमानुष इन सभी के सामने आकर खड़ा हो जाता है और मौत का तांडव मचा देता है | लेकिन वैज्ञानिक अपने साथ एक पिस्टल लाया होता है, जिसमें उसने कैमिकल से बनी बुलेट लोड की थी और जब वनमानुष, एक एक करके सभी सिपाहियों को, मार रहा होता है, तो वैज्ञानिक धीरे से निशाना लगाते हुए, वनमानुष के सर में गोली मारता है |

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और कुछ ही सेकेंड में वनमानुष, ज़मीन में गिर जाता है |  उसका आकार बहुत विशाल होता है | इस वैज्ञानिक ने अपनी सूझ-बूझ से जंगल को जहन्नुम बनने से बचा लिया था और इसी के साथ दहशत की यह दास्तान ख़त्म हो जाती है |

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