वेब ट्रैप | Web Trap | ghost story in hindi

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भूत की कहानी (ghost story in hindi) पढ़ना सभी को अच्छा लगता है लेकिन कई बार कुछ कहानियां इतनी डरावनी होती है जो हमारे जीवन पर सीधा असर डालती है आज के डिजिटल युग में लोग, अनदेखे खतरों से अनजान है | कुछ काली ताकतें, आधुनिक दुनिया में भी, अपना वर्चस्व बनाना चाहती हैं | वेब ट्रैप इसी पर आधारित, एक रूहानी घटना है | इंजीनियरिंग कॉलेज में, करण नाम का एक लड़का पड़ता था | वह कंप्यूटर सॉफ़्टवेयर की शिक्षा ग्रहण कर रहा था | लेकिन उसे कंप्यूटर से संबंधित भाषाओं को समझने में परेशानी होती थी, जिसकी वजह से वह अपनी कक्षा में सबसे कमज़ोर विद्यार्थी कहलाता था | करण अपनी ज़िंदगी से निराश हो चुका था | एक दिन करण क्लास में जल्दी पहुँच जाता है और क्लास में अकेला बैठा, अपनी किताब पढ़ रहा होता है | तभी क्लास में कुछ लड़के, करण को अकेला पाकर, परेशान करने लगते हैं | उनसे तंग आकर, करण क्लास के बाहर जाना चाहता है | लेकिन वह लड़के उसे खींचकर, फ़र्श पर गिरा देते हैं | उनकी ऐसी हरकतों से, करण को बहुत दुख होता है, लेकिन वह कमज़ोर है, इसलिए किसी का प्रत्युत्तर नहीं दे सकता | करण रोता हुआ, अपने स्कूल से बाहर आ जाता है और कुछ दूर पैदल चलते चलते सड़क के किनारे हताश होकर बैठ जाता है | करण कई घंटों तक रोड के किनारे, एक पेड़ की छाया के नीचे बैठ कर, अपनी क़िस्मत को कोस रहा होता है | उसी वक़्त वहाँ से एक व्यक्ति, अजीब सी भेष भूसा में, करण के सामने आकर रुक जाता है और करण से पूछता है, “दुखी क्यों हो, बेटा” ? लेकिन करण उसकी बात का कोई जवाब नहीं देता | वह व्यक्ति अपनी पोटली से एक लिफ़ाफ़ा, निकालकर करण के हाथ में दे देता है और कहता है, “जा बेटा, अब दुनिया तेरे कब्ज़े में होगी” और वहाँ से चला जाता है | करण लिफ़ाफ़े को चारों तरफ़ से पलटा कर देखता है और सोच में पड़ जाता है, कि यह क्या है और जैसे ही वह लिफ़ाफ़ा खोलकर देखता है, तो उसके अंदर एक कंप्यूटर सॉफ़्टवेयर प्रोग्राम की कोडिंग लिखी होती है | करण कंप्यूटर सॉफ़्टवेयर से संबंधित शिक्षा ग्रहण कर रहा था, इसलिए उसे समझ में आ जाता है, कि यह एक सॉफ़्टवेयर प्रोग्राम है | करण के मन में जिज्ञासा बढ़ जाती है और अब वह जानना चाहता है, कि यह कौन सा सॉफ़्टवेयर होगा | तभी वह सड़क से उठकर अपने हॉस्टल पहुँचता है और अपने कंप्यूटर पर, उस व्यक्ति का दिया हुआ सॉफ़्टवेयर इंस्टाल कर देता है | सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल करते ही कंप्यूटर स्क्रीन लाल हो जाती है |

ghost story in hindi
Image by Robinraj Premchand from Pixabay

कंप्यूटर में करण के कॉलेज के सभी छात्रों की सूची को प्रदर्शित होने लगती है | करण सभी को सॉफ़्टवेयर शेयर कर देता है | तभी अचानक कंप्यूटर बंद हो जाता है | करण के कोशिश करने के बाद भी वह स्टार्ट नहीं होता | करण कंप्यूटर को ऐसे ही बंद करके सो जाता है और अगले दिन जब करण उठता है, तो सब कुछ सामान्य हो चुका होता है | करण जल्दी से तैयार होकर, अपने कॉलेज के लिए निकल जाता है, जैसे ही करण अपनी क्लास में प्रवेश करता है, तो कुछ लड़के उसे घूरने लगते हैं | करण उन्हें नज़रअंदाज़ करके, अपनी जगह पर बैठ जाता है और अपना लैपटॉप खोलकर पढ़ाई करने लगता है | लेकिन कुछ देर बाद करण, दोबारा पलटकर देखता है और तब भी वह लड़के, उसे घूर रहे होते हैं | करण हिम्मत दिखाकर, उन लड़कों से कहता है, “घूर क्यों रहे हो, तुम लोग भी अपनी पढ़ाई करो” | लेकिन करण की बात का उन पर कोई असर नहीं होता और वह लगातार, करण को घूरते ही रहते हैं | करण अपनी कंप्यूटर स्क्रीन पर देखता है, तो उसे उन्हीं लड़कों के नाम दिखाई देते हैं जो उसे घूर रहे होते हैं और उनके नाम के सामने डिजिटल इंस्ट्रक्शन दिए होते हैं और जैसे ही करण कंप्यूटर ऑप्शन एक्टिवेट करता हैं | वह सारे लड़के करण के कंट्रोल में आ जाते हैं | लेकिन करण इन बातों से अनजान होता है | उसे नहीं पता चलता कि, वह वेब ट्रैप सॉफ़्टवेयर को इंस्टॉल कर चुका था | जिसकी वजह से वह किसी भी व्यक्ति को, मानसिक तौर पर, अपने सॉफ़्टवेयर में क़ैद कर सकता था और वह अपनी मर्ज़ी से, किसी को भी सिग्नल देकर चला सकता था | करण अपने कंप्यूटर में जैसे ही, लड़कों को बैठने का इंस्ट्रक्शन देता है तो वह सब बैठ जाते हैं | करण को यह देखकर ताज्जुब होता है, लेकिन उसे अब एहसास होने लगता है, कि ज़रूर इस सॉफ़्टवेयर में कोई शक्ति है और वह मन ही मन ख़ुश होने लगता है | करण जल्दी से अपना लैपटॉप बंद करके, अपने हॉस्टल चला जाता है | करण अब अपनी बेइज़्ज़ती का बदला लेना चाहता था | वह अपने कॉलेज के सभी छात्रों को, वेब ट्रैप सॉफ़्टवेयर का नोटिफिकेशन भेज देता है और धीरे धीरे करके सभी छात्रों को अपने कंट्रोल में कर लेता है | कॉलेज मैनेजमेंट को, छात्रों की ऐसी हालत देखकर, अजीब लगता है और वह सभी की, काउंसलिंग करने के लिए एक सेमिनार आयोजित करते हैं | करण भी सेमिनार में पहुँचता है | लेकिन उसे अब अपनी ताक़त पता चल चुकी थी और वह सभी को परेशान करने के लिए सैमीनार पहुँचा होता है |

वेब ट्रैप | Web Trap | ghost story in hindi
Image by Gerd Altmann from Pixabay

करण अपना लैपटॉप खोलकर सॉफ़्टवेयर एक्टिव देता है और एक एक करके सभी छात्रों को अजीब अजीब इंस्ट्रक्शन देने लगता है, जिसकी वजह से सैमीनार का माहौल ख़राब हो जाता है और सभी छात्र एक दूसरे से लड़नें लग जाते हैं | करण को यह सब देखकर, बहुत मज़ा आ रहा होता है | अब धीरे धीरे करण का दिमाग़ शैतानी होता जाता है और अब वह आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने का मन बना लेता है | करण के स्वभाव में परिवर्तन आने की वजह से, सॉफ़्टवेयर में भी बदलाव आ जाते हैं | अचानक कंप्यूटर स्क्रीन पर ऑप्शन दिखाई देता है, शेल्फ़ एक्टिवेशन और करण इस ऑप्शन को एक्टिव कर देता है और अगले ही क्षण करण स्क्रीन के सामने बेसुध होकर बैठ जाता है और बिना कोई प्रतिक्रिया दिए कंप्यूटर स्क्रीन को देखता रहता है | दो दिनों तक करण के कमरे से कोई हलचल नहीं होती तो, हॉस्टल के कुछ छात्र करण के कमरे का दरवाज़ा तोड़ देते हैं और जैसे ही अंदर जाकर देखते हैं, तो करण कंप्यूटर स्क्रीन के सामने अपनी कुर्सी पर बैठा हुआ दिखाई देता और जैसे ही वह उसे स्पर्श करते हैं, तो वह गिर जाता है | सभी उसे उठाकर दोबारा कुर्सी में बैठाने का प्रयास करते हैं | लेकिन वह मर चुका होता है | दरअसल दो दिनों से वह बिना कुछ खाए पिए लगातार एक ही स्थिति में बैठे रहने की वजह से रक्त प्रवाह रुक चुका था और इस वजह से उसकी मौत हो जाती है और करण के साथ सॉफ़्टवेयर का रहस्य भी दफ़न हो जाता है |

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